Sunday, September 18, 2011

इस टोटके से आप हो जाएंगे मालामाल

तंत्र शास्त्र में धन प्राप्ति के कई टोटके बताए गए हैं। इन टोटकों को करने से धन आदि सभी सुखों की प्राप्ति होती है। धन प्राप्ति का ऐसा ही एक अचूक टोटका इस प्रकार है-

टोटका

शुक्ल पक्ष के किसी शुक्रवार के दिन सुबह नहाकर साफ वस्त्र धारण करें और अपने सामने इस दक्षिणावर्ती शंख को रखें। शंख पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं और इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का जप करें। मंत्र जप के लिए स्फटिक की माला का प्रयोग करें।

मंत्र

ऊँ श्रीं ह्रीं दारिद्रय विनाशिन्ये धनधान्य समृद्धि देहि देहि नम:

इस मंत्रोच्चार के साथ-साथ एक-एक चावल इस शंख के मुंह में डालते रहें। चावल टूटे न हो इस बात का ध्यान रखें। इस तरह रोज एक माला मंत्र जप करें। यह प्रयोग 30 दिन तक करें। पहले दिन का जप समाप्त होने के बाद शंख में चावल रहने दें और दूसरे दिन एक डिब्बी में उन चावलों को डाल दें। इस तरह एक दिन के चावल दूसरे दिन उठाकर डिब्बे में डालते रहें।।

30 दिन बाद जब प्रयोग समाप्त हो जाए तो चावलों व शंख को एक सफेद कपड़े में बांधकर अपने पूजा घर में, फैक्ट्री, कारखाने या ऑफिस में स्थापित कर दें। इस प्रयोग से आपके घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होगी।

Friday, September 09, 2011

देवी दुर्गा



देवी दुर्गा शक्ति का साक्षात स्वरूप है। दुर्गा शक्ति में दमन का भाव भी जुड़ा है। यह दमन या अंत होता है शत्रु रूपी दुर्गुण, दुर्जनता, दोष, रोग या विकारों का। ये सभी जीवन में अड़चनें पैदा कर सुख-चैन छीन लेते हैं। यही कारण है कि देवी दुर्गा के कुछ खास और शक्तिशाली मंत्रों का देवी उपासना के विशेष काल में ध्यान शत्रु, रोग, दरिद्रता रूपी भय बाधा का नाश करने वाला माना गया है।

अगर आप भी जीवन में ऐसी मुश्किलों का सामना करें तो यहां बताए जा रहे देवी दुर्गा गायत्री के दिव्य मंत्र का स्मरण जरूर करें। यथासंभव प्रात: देव उपासना के दौरान देवी दुर्गा की पूजा कर नीचे लिखा दुर्गा गायत्री मंत्र बोलें-

- शुक्रवार या नवमी को स्नान के बाद देवी दुर्गा की प्रतिमा की पंचोपचार पूजा करें। जिसमें कुंकूम, चंदन, अक्षत, गुड़हल के फूल, लाल वस्त्र, सुपारी, कलेवा,  फल, दक्षिणा चढ़ाकर देवी को तिल या गुड़ या इससे बने पकवानों का भोग लगाएं।

- पूजा के बाद लाल आसन पर बैठ स्फटिक माला से या मन ही मन नीचे लिखे दुर्गा गायत्री मंत्र का पाठ यथाशक्ति अधिक से अधिक बार या 108 बार संकटमोचन और भय-बाधा से मुक्ति की कामना के साथ करें -

ॐ गिरिजायै विद्महे, 

शिव प्रियायै धीमहि,

तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्।।

- पूजा व मंत्र जप के बाद देवी आरती धूप, दीप व कर्पूर से करें। अपने दोषों की क्षमा मांग व प्रसाद ग्रहण करें।

श्वेतार्क गणपति



भगवान गणेश अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। गणेशोत्सव के अंतर्गत यदि कुछ साधारण उपाय किए जाएं तो हर कामना पूरी हो सकती है। 1 सितंबर से प्रारंभ हुआ गणेशोत्सव 11 सितंबर तक रहेगा। इन दिनों में यदि नीचे लिखा उपाय करेंगे तो अवश्य धन लाभ होगा।

उपाय

गणेशोत्सव के दौरान(1 सितंबर से 11 सितंबर) घर में श्वेतार्क गणपति अर्थात आंकड़े के गणेश की स्थापना करें व उन्हें प्रतिदिन लड्डू का भोग लगाएं। इसके बाद लाल चंदन की माला से नीचे लिखे मंत्र का 11 माला जप करें। यह क्रम निरंतर जारी रखें।

मंत्र

ऊँ नमो सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकत्र्रे सर्वविघ्नप्रशमनाय

सर्वराज्यवस्यकरणाय सर्वजनसर्वस्त्रीपुरुषाकर्षणाय श्रीं ऊँ स्वाहा



आपके देखेंगे कि कुछ ही समय में पैसे से संबंधित आपकी हर समस्या दूर जाएगी ।

Sunday, July 03, 2011

श्री लक्ष्मी द्वादशनाम स्तोत्रम्

देवी लक्ष्मी की जिस पर कृपा हो जाए उस व्यक्ति को जीवन में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती। पैसा, इज्जत, शोहरत सभी कुछ उसके पास होता है। देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्र, स्तुति व श्लोकों की रचना कई गई है। इन्हीं में श्री लक्ष्मी द्वादशनाम स्तोत्रम् भी एक है।

इस स्त्रोत का प्रतिदिन जप करने से मां लक्ष्मी शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती है और साधक को मनचाहा फल प्रदान करती है। यह स्तुति इस प्रकार है-



श्री लक्ष्मी द्वादशनाम स्तोत्रम्



ईश्वरीकमला लक्ष्मीश्चलाभूतिर्हरिप्रिया।

पद्मा पद्मालया संपत् रमा श्री: पद्मधारिणी।।

द्वादशैतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्य य: पठेत्।

स्थिरा लक्ष्मीर्भवेत्तस्य पुत्रदारादिभिस्सह।।



जप विधि

- सुबह जल्दी उठकर नहाकर साफ वस्त्र पहनकर देवी लक्ष्मी का पूजन करें। उन्हें लाल गुलाब के फूल अर्पित करें।

- देवी लक्ष्मी की मूर्ति के सामने आसन लगाकर स्फटिक की माला लेकर इस स्त्रोत का जप करें। प्रतिदिन पांच माला जप करने से उत्तम फल मिलता है।

- आसन कुश का हो तो अच्छा रहता है।

- एक ही समय, आसन व माला हो तो यह स्त्रोत जल्दी ही सिद्ध हो जाता है।

चमत्कारिक पौधे

तंत्र प्रयोगों में अनेक वनस्पतियों का भी उपयोग किया जाता है, बांदा भी उन्हीं में से एक है। बांदा एक प्रकार का पौधा होता है जो जमीन पर न उगकर किसी वृक्ष पर उगता है। इस प्रकार यह एक परोपजीवी पौधा है जो किसी अन्य पेड़-पौधे पर उगकर उसी के तत्वों से पोषित होता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार प्रत्येक पेड़ पर उगा बांधा एक विशेष फल देता है। जानते हैं किस पेड़ का बांदा किस कार्य के लिए उपयोगी होता है-

1- बेर का बांदा- बेर के बांदे को विधिवत तोड़ कर लाने के पश्चात देव प्रतिमा की तरह इसको स्नान करवाएं व पूजा करें। इसके बाद इसे लाल कपड़े में बांधकर धारण कर लें। इस प्रकार आप जो भी इससे मांगेंगे वह सब आपको प्राप्त होगा।

2- बरगद का बांदा- यह बांदा बाजू में बांधने से हर कार्य में सफलता मिलती है और कोई आपको हानि नहीं पहुंचा सकता।

3- हरसिंगार का बांदा- यह बांदा काफी मुश्किल से मिलता है। यदि हरसिंगार के बांदे को पूजा करने के बाद लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखें तो आपको कभी धन की कमी नहीं होगी।

4- अनार का बांदा- इस बांदे को पूजा करने के बाद घर में रखने से किसी की बुरी नजर नहीं लगती और न ही भूत-प्रेत आदि नकारात्मक शक्तियों का घर में प्रवेश होता है।

5- आंवले का बांदा- आंवले का बांदा भुजा में बांधने से चोर, डाकू, हिंसक पशु का भय नहीं रहता।

6- नीम का बांदा- नीम के बांदे को अपने दुश्मन से स्पर्श करा दें तो उसके बुरे दिन शुरु हो जाते हैं।

7- आम का बांदा- इस पेड़ के बांदे को भुजा पर धारण करने से कभी भी आपकी हार नहीं होती और विजय प्राप्त होती है।